मच्छिंद्र बापू भिसे 9730491952 / 9545840063

'छात्र मेरे ईश्वर, ज्ञान मेरी पुष्पमाला, अर्पण हो छात्र के अंतरमन में, यही हो जीवन का खेल निराला'- मच्छिंद्र बापू भिसे,भिरडाचीवाडी, पो. भुईंज, तहसील वाई, जिला सातारा ४१५५१५ : 9730491952 : 9545840063 - "आपका सहृदय स्वागत हैं।"

■ एकता-ए-हिंदुस्थानी ■ (कविता) - मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'

  

■ एकता-ए-हिंदुस्थानी ■

(कविता)

भारत हमारी आन है,
भारत हमारी शान है
इसकी गरिमा के लिए,
हमारी सौ जान कुर्बान है!

सभ्यता और संस्कार ही,
हमारे देश की पहचान है, ।
अलग-थलग रहते सदा,
दिल में बसता हिंदुस्थान है ।

कितने धर्म, कितनी जातियाँ,
और कितनी भाषाओं का गान है।
समता, बंधुता, एकता में बँधा,
करता सबका समान सम्मान है!

रोम-रोम कहे रहीम, रग-रग कहे राम
कोई पढ़े गीता, तो कोई पढ़े कुरान,
कश्मीर की लो या केरल की माटी,
कान लगाकर सुन लो भाई
कहती – इसमें बसता जहान है!
■■■
11 जनवरी 2023 
रचनाकार
● मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'● ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
सेवार्थ निवास : शिक्षण सेवक, जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
9730491952
-०-


No comments:

Post a Comment

■ एकता-ए-हिंदुस्थानी ■ (कविता) - मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'

   ■ एकता-ए-हिंदुस्थानी ■ (कविता) भारत हमारी आन है, भारत हमारी शान है इसकी गरिमा के लिए, हमारी सौ जान कुर्बान है! सभ्यता और संस्कार ही, हमार...

आपकी भेट संख्या