■ हम बच्चे हैं नादान ■
(बालगीत)

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हम बच्चे हैं नादान,
करते हैं नादानी,
समझते हैं हम सब,
करते हैं आनाकानी।
कभी हँसते, कभी खेलते,
करते खूब शैतानी,
मम्मी-पापा समझाते,
बातें उनकी मानी।
गलती हो तो मानेंगे,
नहीं करेंगे मनमानी,
सही-गलत को पहचानेंगे,
छोड़ेंगे आनाकानी।
मिल-जुलकर हम रहते हैं,
सबसे करें भलाई,
सच्चाई का साथ निभाएँ,
यही हमारी अच्छाई।
हम बच्चे हैं नादान,
पर सीखेंगे सयानी,
सही बात को अपनाएँगे,
नहीं करेंगे मनमानी!
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08 सितंबर 2026 शाम 9:45 बजे
रचनाकार


● मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'● ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
सेवार्थ निवास : शिक्षण सेवक, जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
9730491952



