मच्छिंद्र बापू भिसे 9730491952 / 9545840063

'छात्र मेरे ईश्वर, ज्ञान मेरी पुष्पमाला, अर्पण हो छात्र के अंतरमन में, यही हो जीवन का खेल निराला'- मच्छिंद्र बापू भिसे,भिरडाचीवाडी, पो. भुईंज, तहसील वाई, जिला सातारा ४१५५१५ : 9730491952 : 9545840063 - "आपका सहृदय स्वागत हैं।"

दीया जले (गजल) - मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'

■ दीया जले ■
(गजल)

खुशियों से भरा दीया, आप दिल में भी जले;
आपनों का प्यारा दीया, आप दिल में भी जले।

जनम पाया जिनसे हमने, और बुने हम;
उनके स्मरण-सेवी दीया, आप दिल में भी जले।

ज्ञानवान गुणवान बने हम, और बने संज्ञानी;
गुरु छाँह अनुरागी दीया, आप दिल में भी जले।

साथ-संगी से बचपन खिला, मन भौंर बना;
खेल-खिलवाडी दीया, आप दिल में भी जले।

पथ के हारे दुख से हमको, सुख मिला पावन;
वक्त-आँधी का दीया, आप दिल में भी जले।

राह चलते राही मिलें, सुख-दुख के संग बने;
उनके अभावों का दीया, आप दिल में भी जले।

'मंजीते' खुद भला बने, खुद ही से प्यार करें;
आत्म-प्यार का दीया, आप दिल में भी जले।
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07 नवंबर 2026 शाम 8:49 बजे
रचनाकार
● मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'● ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
सेवार्थ निवास : शिक्षण सेवक, जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
9730491952
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दीया जले (गजल) - मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'

■ दीया जले ■ (गजल) खुशियों से भरा दीया, आप दिल में भी जले; आपनों का प्यारा दीया, आप दिल में भी जले। जनम पाया जिनसे हमने, और बुने हम; उनके स्...

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