
■ पाती आदरणीय श्रीमान विशाल डोंगरे साहब (गुटशिक्षाधिकारी, सालेकसा) जी के नाम ■
दिनांक: ०५ जुलाई २०२६
आदरणीय श्रीमान विशाल एस. डोंगरे साहब
उपशिक्षाधिकारी, जिला परिषद नागपुर
सादर प्रणाम।
आपके जिला परिषद नागपुर में उपशिक्षाधिकारी के रूप में नियुक्त होने का शुभ समाचार सुनकर हृदय अपार हर्ष, गर्व और संतोष से भर गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर आपको हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
सर, आप मिलनसार, मितभाषी, सरल, सहयोगी एवं प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत कुशल स्वभाव के धनी है। आपने सदैव पद की गरिमा को बनाए रखते हुए सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के साथ आत्मीयता और सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया। आपके इसी व्यक्तित्व ने आपको हम सभी के हृदय में एक विशेष स्थान दिलाया है।
मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ कि शिक्षण सेवक के रूप में दो वर्षों तक आपके मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिला। इस अल्प अवधि में आपने विद्यार्थियों के हित में नए-नए उपक्रम करने, विद्यालय को निरंतर प्रगतिशील बनाने तथा स्वयं को सदैव सक्रिय रखने की जो प्रेरणा दी, वह मेरे जीवन की अमूल्य पूँजी है।
हमारी जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर में प्रशासकीय कार्यों के सिलसिले में आपका अनेक बार आगमन हुआ। प्रत्येक भेंट में आपने विद्यालय के कार्यों की सराहना की, आवश्यक मार्गदर्शन दिया तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। आपके प्रोत्साहन के शब्द आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
केंद्र, तालुका एवं जिला स्तरीय क्रीड़ा सम्मेलनों में आपकी गरिमामयी उपस्थिति सदैव हम सभी के लिए प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक रही। आपकी उपस्थिति मात्र से शिक्षकों और विद्यार्थियों में नया आत्मविश्वास जागृत हो जाता था।
प्रशासकीय कार्यों में आपने सदैव सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। आपने हर शिक्षक को सम्मान दिया, परामर्श दिया और कठिन परिस्थितियों में भी सहयोग का हाथ कभी पीछे नहीं खींचा। प्रशिक्षण स्थलों पर शिक्षकों को उत्तरदायित्व का बोध कराते हुए जिस आत्मीयता से उनका मार्गदर्शन किया, वह वास्तव में अनुकरणीय है।
व्यक्तिगत रूप से जब-जब हमारी शैक्षिक चर्चाएँ हुईं, आपने सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, निरंतर नवाचार करने और विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी। आपकी यही सीख आज भी मुझे प्रतिदिन कुछ नया और बेहतर करने की ऊर्जा प्रदान करती है।
आपसे प्रत्येक मुलाकात केवल औपचारिक नहीं होती थी। विद्यालय, विद्यार्थियों और नवीन शैक्षिक उपक्रमों पर चर्चा के साथ-साथ पारिवारिक आत्मीयता का जो स्नेह आपने दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। आपके परिवार के साथ बेवारटोला बाँध की वह सुखद सैर भी जीवन की मधुर स्मृतियों में सदैव संजोई रहेगी।
आप सदैव रत्न पारखी रहे हैं। आपने अच्छे कार्यों की खुलकर प्रशंसा की और जहाँ सुधार की आवश्यकता रही, वहाँ उचित परामर्श देकर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया। कार्य में कहीं कमी दिखाई देने पर आपका कठोर रूप भी हमने देखा, किंतु वह किसी व्यक्ति के प्रति नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासक के रूप में व्यवस्था और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए था। यही आपकी निष्पक्षता और कार्यनिष्ठा का प्रमाण है।
हमारे द्वारा किए गए प्रत्येक छोटे-बड़े कार्य की आपने सराहना की, मार्गदर्शन दिया और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान किया। आपके उत्साहवर्धन ने हमें सदैव और बेहतर कार्य करने की नई ऊर्जा दी।
सर, आपका हमारे सालेकसा क्षेत्र से जाना हम सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए निश्चित एक बड़ी क्षति है। आपके जैसा स्नेही, प्रेरणादायी एवं दूरदर्शी अधिकारी मिलना सौभाग्य की बात होती है। फिर भी हमें पूर्ण विश्वास है कि आप जहाँ भी रहेंगे, वहाँ भी अपनी कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और नेतृत्व से शिक्षा जगत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
हम सदैव आपके स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद के आकांक्षी रहेंगे। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपके नवीन दायित्वों में आपको निरंतर सफलता प्राप्त हो, आप उत्तरोत्तर प्रगति के नए शिखरों को स्पर्श करें तथा शिक्षा क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान और अधिक सुदृढ़ करें।
आपको एवं आपके समस्त परिवार को सफलतम भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं निरामय जीवन की मंगलकामनाएँ। साथ ही आपकी प्यारी बिटिया को ढेर सारा स्नेह, प्यार और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक आशीर्वाद।
पुनः हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
आपका कृपाभिलाषी
मच्छिंद्र बापू भिसे
जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर
सालेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
9730491952
-०-

No comments:
Post a Comment