मच्छिंद्र बापू भिसे 9730491952 / 9545840063

'छात्र मेरे ईश्वर, ज्ञान मेरी पुष्पमाला, अर्पण हो छात्र के अंतरमन में, यही हो जीवन का खेल निराला'- मच्छिंद्र बापू भिसे,भिरडाचीवाडी, पो. भुईंज, तहसील वाई, जिला सातारा ४१५५१५ : 9730491952 : 9545840063 - "आपका सहृदय स्वागत हैं।"

एक गलती (हाइकु) - मच्छिंद्र बापू भिसे 'मंजीत'


'एक गलती'
विधा: हाइकु
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एक गलती
छिपाने चला चोरी
दूसरी करी।
(गलती पर गलती)
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गलती होवे
बड़ा दिल स्वीकारे
फिर न करे।
(गलती का स्वीकार)
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गलत बात
फैलाने जो जाएगा
लाथ पाएगा।
(गलत बात अटकाव)
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गलती करे
सच साथ जो देने
कभी न डरे।
(सच्चाई हेतु गलती)
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गलत लोग
न सच को स्वीकारे
पीड़ा ही भरे।
(पीर बढ़ाए गलती)
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सही-गलत
आँखों देखा मान लो
सच जान लो।
(सही-गलत की पहचान)
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अंधा न कोई
जग गलती देखे
सही को ढके।
(लोगों की गलत सोच)
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हर गलत
सब सही होगा भी
मन भीगा भी।
(गलती की ग्लानि)
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गलत राह
मंजिल पाने दौड़े
कैसे पकड़े?
(गलत राह)
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गलती छिपे
छत हो आसमानी
बरसे घनी।
(गलत न छिपेगी)
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गलत जहाँ
तू पीड़ा ही पाएगा
रूके न वहाँ।
(गलती से सावधान)
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11 अगस्त 2020
मच्छिंद्र भिसे ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
9730491952
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