मच्छिंद्र बापू भिसे 9730491952 / 9545840063

'छात्र मेरे ईश्वर, ज्ञान मेरी पुष्पमाला, अर्पण हो छात्र के अंतरमन में, यही हो जीवन का खेल निराला'- मच्छिंद्र बापू भिसे,भिरडाचीवाडी, पो. भुईंज, तहसील वाई, जिला सातारा ४१५५१५ : 9730491952 : 9545840063 - "आपका सहृदय स्वागत हैं।"

काव्य : पानी से याचना

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पानी से याचना
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मानव तुम्हें कभी समझ न पाया,
पल-पल तुम्हें बरबाद करता चला गया,
तुमने भी फिर खुद बहना ही छोड़ दिया,
फिर सूखी नदियाँ, सूखे तालाब,
और सूखे है मन के अधखिले ख्वाब.

पहाडी झील से नीचे उतरना,
कर्ण मधुर कल-कल संगीत सुनाना,
आज वही पहाडी और  झील का ताज
रो रहा निस्वर और खामोश है रूदन,
मानव के पापी करम छीने है उनके स्पंदन.

नदी जहाँ करती थी सभी को पवित्र,
आज गुहारती, करें पवित्र मेरा जलपात्र,
दम घूँट रहा है उसका और प्यासी बनी वो,
जो कभी औरों की थी प्यास बुझाती,
कैसे स्व-प्यास बुझाती या औरों को बचाती.

हे पानी, तू बिल्कुल सही कर रहा है,
बहना छोड़ आसमान में बस रहा है,
एक दिन आएगा जब मानव पछताएगा,
उस दिन लेना सारा हिसाब-किताब,
सजा देना उसको ऐसी देखे न गलत ख्वाब.

पेड़ बचेंगे दोस्त, तू भी बचेगा,
वसुंधरा में फिर से मोर नाचेगा,
झरना फिर गीत गाएगा, झूमेगी वनराई,
प्यास बुझेगी सबकी आशिष देगी भू माई,
सजाना सबका आँगन करता हूँ दुहाई.
🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹
रचना
नवकवि
श्री. मच्छिंद्र बापू भिसे 
उपशिक्षक
मुकाम भिरडाचीवाडी, पो.भुईंज, तह.वाई,
जिला-सातारा ४१५ ५१५
(महाराष्ट्र)
चलित -
९७३०४९१९५२
९५४५८४००६३
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