
मन की 'माया'
विधा: हाइकु
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जगत माया
जानिए सुधिजन
साफ हो मन।
(माया - मोहजाल)
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माया के पिछे
मनुज जब भागे
जाए न आगे।
(माया - दौलत)
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लोग न जाने
माया चाल निराली
बचेंगे खाली।
(माया - जादू)
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पागल मन
माया जाल में फँसे
निकले कैसे?
(माया - मोह)
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मन की माया
जाने कैसे बताए!
नित सताए।
(माया - कपट)
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भरोसा मिटे
माया बनी दीवार
मन न जुटे।
(माया - धोखा)
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माया के बिन
नहीं सृष्टि निर्माण
दे दो सम्मान।
(माया - नारी)
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8 अगस्त 2020मच्छिंद्र भिसे ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
9730491952
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