
हाथ की बात
विधा: हाइकु
विधा: हाइकु
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अपने हाथ
भरोसा कर प्यारे
निभाते साथ।
------🙏-----
आए जो हाथ
कंकड़-हीरे-मोती
ले चलें साथ।
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हाथ लकीर
निर्माण करे खुद
बन फकीर।
------🙏-----
हाथ से हाथ
हृदय मिलाइए
राहत पाए।
------🙏-----
हाथ मिलाने
हाथ कोई पसारें
भेद भी जाने।
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हाथ हो नत
जहाँ ईश चरण
होने पावन।
------🙏-----
हाथ भी उठे
अन्याय अनाचार
जहाँ हो डटे।
------🙏-----
हाथ पसारे
औरों के हीत काज
दुःख बटोरें।
------🙏-----
जिन्हें न हाथ
करने को प्रयाण
ईश है साथ।
------🙏-----
हो जगन्नाथ
तुम भी जानो अब
हाथ की बात।
------🙏-----
हाथ झंकार
हम रहे न रहे
हो बारंबार।
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7 अगस्त 2020
मच्छिंद्र भिसे ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
भरोसा कर प्यारे
निभाते साथ।
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आए जो हाथ
कंकड़-हीरे-मोती
ले चलें साथ।
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हाथ लकीर
निर्माण करे खुद
बन फकीर।
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हाथ से हाथ
हृदय मिलाइए
राहत पाए।
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हाथ मिलाने
हाथ कोई पसारें
भेद भी जाने।
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हाथ हो नत
जहाँ ईश चरण
होने पावन।
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हाथ भी उठे
अन्याय अनाचार
जहाँ हो डटे।
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हाथ पसारे
औरों के हीत काज
दुःख बटोरें।
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जिन्हें न हाथ
करने को प्रयाण
ईश है साथ।
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हो जगन्नाथ
तुम भी जानो अब
हाथ की बात।
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हाथ झंकार
हम रहे न रहे
हो बारंबार।
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7 अगस्त 2020
मच्छिंद्र भिसे ©®
सातारा (महाराष्ट्र)
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